मानव विकास का एक महत्वपूर्ण आयाम है संचार माध्यम ।समय के साथमनुष्य की निर्भरता एक दुसरे पर बढती गयी ;पहले परिवार ,फिर गाँव और गाँव से शहर धीरे धीरे विस्तृत छेत्र में फैलती निर्भरता ने जन्म दिया सन्चार के माध्यम की आवश्यकता को । सन्चार का प्रारंभिक माध्यम बना एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति को भेजा गया सन्देश जो कि केवल मनुष्य स्मरण शक्ति पर निर्भर था , अर्थात व्यक्ति द्वारा भेजा गया सन्देश ,सन्देश वाहक द्वारा दुसरे व्यक्ति द्वारा मौखिक रूप से बताया गया ।इस माध्यम में सबसे बड़ा दोष यह था कि यह सन्देश की गोपनियता ओर सटीकता की कोई गारंटी नहीं देता।
इसके पश्चात मानव विकास के दौर में उसने लिखना ओर पड़ना सीखा , जिसके द्वारा उसने अपने सन्देश को सटीकता से लिखना सीखा , वृक्ष की छाल , पत्तों , ताम्र पत्र , वस्त्र इत्यादि का उपयोग सन्देश लिखने को किया ।
सन्देश भेजने के इन तरीको के अलावा सन्देश पहुचने में लगने वाला समय भी एक चुनौती था ।समय के साथ गति के साथ सन्देश भेजने के लिए कबूतर ओर घुड़सवार का इस्तेमाल होने लगा और फिट ट्रेन , ओर कार की खोज के बाद सन्देश पहुचने में लगने वाला समय धीरे धीरे कम होता गया , किन्तु सन्देश की गोपनीयता अब भी एक चुनौती ही था
18 वीं सताब्दी में टेलीग्राम की खोज हुई जिसने सन्देश भेजने में लगने वाली समस्या का समाधान कर दिया ।
टेलीग्राम के बाद फ़ोन का आविष्कार सन्चार क्रांति लेकर आया , जिससे सन्देश का आदान प्रदान काफी सुगम हो गया ।
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समय के साथ टेलीफोन द्वारा सन्देश वाहन की तकनीक काफी सुधर हुए देखते ही देखते , टेलीफोन उपकरणों में काफी सुधर हुआ ओर फिर जटिल तारों से आजादी के लिए तार रहित सन्चार माध्यम की आवश्यकता महसूस होने लगी । अप्रैल 1973 में मोटोरोला ने पहले मोबाइल का निर्माण करके पहला तार रहित काल किया , वपोीोू सोगल 1996 से मोबाइल से सन्चार छेत्र में कार्य प्रारंभ हुआ , देखते ही देखते २G, ३ G और 4 G जैसी तकनीकों साथ ही सन्देश भेजने के अन्य माध्यम जैसे SMS, मल्टीमीडिया मेसेज आदि का इस्तेमाल बड़ा
फिर गूगल इत्यादि सर्च इंजन ने इन्टरनेट के मायाजान को ऐसे फैलाया की इंसान इसकी ओर खिचता चला गया , आज फेसबुक , ट्विटर ,whatsapp, इनस्टाग्राम और न जाने कितने ही साधनों ने सन्चार क्रांति को एक नया आयाम प्रदान किया ।
लेकिन इन सभी साधनों ने नयी चुनौत्गी हम सब के सामने पेश की है वो है , सन्देश की विश्वसनीयता ओर गोपनीयता की ।विश्वसनीयता इतनी बड़ी चुनौतिबन गयी है जिससे किसी भी देश की अर्थव्यवस्था से लेकर , भविष्य तक दाव पर लग सकता है। आने वाली 5 G तकनीक न जाने कौन नयी चुनौती मानव जाती विकास में लेकर आएगी ये तो आने वाला समय ही बताएगा ।
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