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Friday, 16 November 2018

कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष क्या है और क्या है इसका महत्त्व

 हिन्दू  धर्म  में सभी त्यौहार  व  दैनिक कर्म पंचांग के अनुसार किया जाते  है . पंचांग  हिन्दू धर्मं का एक कैलंडर है जिसके अनुसार एक साल में 12 महीने होते है और  एक दिन को एक तिथि कहते है, इस तिथि की अवधि 19 से 24 घंटों तक की हो सकती है।एक तिथि को घड़ी और पल  में फिर से विघटित किया गया है .  पंचांग  के अनुसार हर माह में तीस दिन होते है जिसकी गणना  सूरज और चंद्रमा की गति के अनुसार ही की जाती है। 

शुक्ल पक्ष 

प्रत्येक माह  चंद्रमा का आकार परिवर्तित होता रहता है ,अमावस्या के दिन चाँद दिखाई नहीं देता और रात्रि में पूरी तरह से अन्धकार होता है अमावश्या के अगले दिन से चाँद दिखना प्रारम्भ हो जाता है ,तब से ही शुक्ल पक्ष प्रारम्भ हो जाता है जो कि पंद्रह दिनों तक चलता है , इस दौरान प्रत्येक दिन चाँद का आकार बढता जाता है ओर पंद्रहवे दिन चाँद अपने पूरे आकार में चमकता हुआ दिखाई देता है रात्री के समय भी काफी  प्रकाश रहता है .



कृष्ण पक्ष 

कृष्ण शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है "काला" .कृष्ण पक्ष में अन्धकार अपना प्रभाव बढाता है . चाँद का आकार दिखने में  छोटा होता जाता है जिससे रात्री के समय अन्धकार बढता जाता  है और १५ दिनों में चाँद का आकार घटता जाता है ,अमावश्या के दिन चाँद दिखाई नहीं देता है, रात्री पूरी तरह अंधकारमय हो जाती है .

  यह क्रम प्रत्येक माह  चलता है .

कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष का महत्त्व 

हिन्दू धर्म के अनुसार , कोई भी शुभ कार्य शुक्ल पक्ष में ही किया जाता है , क्यूँ इसमें प्रकाश का प्रभाव बढता है .पूर्णिमा का विशेष महत्त्व होता है , इस दिन अधिकाँश लोग मंदिरों में दर्शन हेतु जाते है , बहुत से मंदिरों में पूर्णिमा के दिन मेला भी लगता है 

इसके विपरीत कृष्ण पक्ष में अन्धकार का प्रभाव बढता है इसीलिए शुभ कार्यों को टाला जाता है , अमावश्या के दिन अन्धकार अपने चरम पर होता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन बुरी ताकतें शक्तिशाली हो जाती हैं  इसलिए इसदिन रूढ़िवादी लोग भूत ,चुड़ैल से मुक्ति हेतु पूजन करते है , तांत्रिक जो कि बुरी  शक्तियों के उपासक होते है इसी दिन पूजा करते  हैं .

अपवाद 

 वैसे तो अमावश्या को लोग शुभ नहीं मानते किन्तु दीपावली त्यौहार कार्तिक माह की अमावश्या को मनाया जाता है इस दिन महालक्ष्मी का पूजन किया जाता है .इस दिन दीपक जलाकर रात्री के अन्धकार को दूर किया जाता है .




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